TIKTOK BAN: भारत में TikTok समेत इन 59 चीनी एप्स पर लगा प्रतिबंध, देखें पूरी लिस्ट

Spread the love

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच माहौल तनावपूर्ण है इसी के बीच केंद्र सरकार ने बहुत बड़ा फैसला लिया है, जी हां भारत सरकार ने 59 चाइनीज एप्स पर बैन लगा दिया है।

भारत में चाइनीज एप्स का इस्तेमाल अधिक होता है इस बात का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत में टिकटोक (TikTok) एप का इस्तेमाल इस कदर होता था कि इस शार्ट वीडियो एडिटिंग एप पर लिप्सिंग करने वाले लोगों को सेलेब्रिटीज़ का दर्जा प्राप्त हो गया था जिसको लेकर फिल्मी कैरियर बनाने वाले स्ट्रगलर  बेहद निराश और मायूस थे। आपको बता दें इससे पहले भी लोगों की मांग और बड़ी संख्या में एप का विरोध होने के कारण मद्रास हाईकोर्ट ने इस शार्ट विडियो एप टिकटोक (tiktok) पर बैन लगाया था किन्तु तत्कालीन कुछ कारणोंवश ये बैन हटा दिया गया था।

यूट्यूबर्स (Youtubers) Vs टिकटोकर्स (Tiktokers):
प्रसिद्ध यूट्यूबर (Youtuber) कैरी मिनाती (CarryMinati) ने टिकटोकर आमिर सिद्दीकी को रोस्ट किया था जिसको लेकर सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया और समाज में टिकटोकर (Tiktoker) Vs यूट्यूबर (Youtuber) का मुद्दा बन गया था। तब से यही मांग हो रही थी कि भारत में इस चाइनीज एप टिकटोक को बैन किया जाए और अंततः ये हुआ।

आपको बता दें कि चीन के वुहान से निकले कोरोना वायरस के कारण दुनिया के कई देशों में चीन का विरोध हो रहा है लोगों का मानना है कि चीन द्वारा इस वायरस को जानबूझकर फैलाया गया है। इसके चलते भारत और चीन के मध्य तनाव की स्थिति पैदा हुई, यही कारण रहा कि भारत में चीन के प्रोडक्ट्स को तोड़कर, जलाकर लोग विरोध कर रहे हैं और सभी चीनी एप्स को बैन करने की मांग कर रहे थे।

भारत सरकार द्वारा बैन किये गए एप्प्स(Apps) की पूरी लिस्ट यहां देखें-

बता दें कि इससे पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने चाइनीज एप की एक लिस्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी थी और अपील की थी कि इन सभी चाइनीज एप्स को बैन किया जाए या फिर लोगों को कहा जाए कि इनको तुरंत अपने मोबाइल से हटा दें। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ये दलील दी गई थी कि चीन भारतीय डेटा हैक कर सकता है।

 

देश दुनिया की अन्य रोचक व तथ्यपरक खबरों में बने रहने के लिए जुड़े रहिये  www.estradeherald.com के साथ !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *