कोरोना वायरस: मोटे लोगों को बरतनी होगी अधिक सावधानी

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रोम: कोरोना महामारी संकट के बीच विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि जो लोग मोटापे का शिकार हैं उन्हें लम्बे समय तक अलग रहना चहिये. एक शोध में पता चला है कि जिनका बीएमआई 30 से नीचे है उनके लिए 14 दिन का समय काफी है, 30 से ऊपर बीएमआई वालों को कोरोना संक्रमण होने पर 28 दिन के क्वारंटीन में रहना आवश्यक है.

इटली के साइंटिफिक इंस्टिट्यूट फॉर रिसर्च के हॉस्पिटलाइजेशन एंड हेल्थ केयर के डॉक्टरों द्वारा किये गए शोध में मोटापे और covid-19 के बीच मौजूद संबंधों का अध्ययन किया. वैज्ञानिकों ने फ्लूएंजा जैसे एक वायरस से कुछ मोटापे से ग्रस्त लोगों को संक्रमित कर उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की जाँच की. इस अध्ययन से पता चला कि मोटे लोग संभावित रूप से तीन प्राथमिक कारणों से सामान्य वजन वाले covid-19 रोगियों की तुलना में अधिक संक्रमित होते हैं.

अधिक संक्रामित होते हैं मोटे लोग:

मोटापे से ग्रस्त लोगों की तुलना में अधिक समय तक इंफ्लुएंजा जैसा वायरस शरीर में मौजूद रहता है इससे संभावित रूप से यह बीमारी अधिक बढ़ जाती है जिसमें वे वायरस को दूसरों तक फैला सकते हैं वहीँ मोटे रोगियों में सूजन बढ़ने से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है जिससे वायरस के लक्षण बदतर हो सकते हैं, शोध के अनुसार उच्च बीएमआई का संबंध ज्यादा वायरस फ़ैलाने से सम्बंधित है क्योंकि मोटे लोग ज्यादा तेजी से साँस खींचते और छोड़ते हैं. इन सभी कारणों की वजह से मिलान के वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि मोटापे से ग्रस्त लोगों की क्वारंटीन अवधि दुगुनी होनी चाहिए.

मोटापे को लेकर बढ़ी चिंता:

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली या पहले से मौजूद बीमारियों वाले लोगों को covid-19 का संक्रमण जल्दी हो सकता है और अधिक भारी होने के कारण covid-19 से मौत का जोखिम तीन गुना बढ़ जाता है. डॉ. हेमेन ने इस जानकारी का खुलासा किया है, इसके बाद मोटे लोगों को लेकर चिंता बढ़ गयी है.

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