Coronavirus: क्वारंटाइन सेंटर में दलित के हाथ से बना खाना खाने से सवर्णों का इनकार

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नैनीताल: कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर इन्सानियत और इंसानी सभ्यता खतरे में है वहीँ कुछ्ह लोग अभी जातियों के खेल में उलझे हुए हैं उत्तराखंड के नैनीताल (Nainital) जिले के ओखल कांडा ब्लाक के एक गाँव से ऐसा मामला सामने आया है जहाँ क्वारंटाइन सेंटर में क्वारंटाइन किये गए दो सवर्ण लड़कों ने अपने ही गाँव की दलित भोजन माता के हाथ से बना खाना खाने से इंकार कर दिया. जब मामला ग्राम प्रधान तक पहुंचा तो पहले प्रधान ने इन्हें समझाने  की कोशिश की और नहीं माने तो उन्होंने पटवारी चौकी में शिकायत दर्ज की है.

क्या है पूरा मामला:

मामला नैनीताल जिले के ओखल कांडा ब्लॉक के भुमका गाँव का है, यहाँ बहार से आये दो चाचा भतीजे को स्कूल में बने क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया. सेंटर में खाना बनाने के जिम्मेदारी स्कूल में खाना बनाने वाली भोजन माता एक दलित महिला को दी है. क्वारंटाइन किये गए दोनों युवकों ने खाना खाने से इनकार कर दिया यही बजह है कि इसके बाद दोनों को खाना घर से मंगाया जा रहा है.

पटवारी से की शिकायत:

ग्राम प्रधान मुकेश चन्द्र बौद्ध ने बताया कि इसकी शिकायत हमने नाई पट्टी के पटवारी से की है उन्होंने बताया कि हमारे गाँव में बाहर से आये प्रवासियों को क्वारंटाइन कराया गया है जिसमें तीन दलित और दो सवर्ण हैं. इनमें जो दो सवर्ण हैं उन्होंने क्वारंटाइन सेंटर में मिल रहा खाना खाने से इनकार कर दिया, दोनों ने कहा कि भोजन बनाने वाली महिला दलित है इसलिए हम इसके हाथ से बने हुए भोजन को नहीं खा सकते. हमारे लिए हमारे घर से भोजन की व्यवस्था की जाये इसके बाद ग्राम प्रधान ने दोनों के खिलाफ SC ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है. पटवारी ने ग्राम प्रधान को दोनों पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है.

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