आखिर क्यों ऊंटों को लगता है कि रेत में पानी है…?

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दोस्तों ग्रीष्म ऋतु का मौसम आ चुका है, गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे  अपने नानी के घर जाना पसंद करते हैं तो वहीँ हम और आप किसी हिल स्टेशन अथवा किसी समुद्र के किनारे किसी बीच पर जाने की योजना बनाते हैं लेकिन लॉकडाउन की वजह से हम और आप अभी कहीं नही जा पा रहे हैं!

खैर हमारा इससे कोई लेना देना नहीं है हम आपको कुछ और बताना चाहते हैं दरअसल जब कभी आप गर्मियों में यात्रा कर रहे होते हैं तो आपको यकायक लगा होगा की सामने पानी भरा हुआ है जिसके कारण कुछ लोग भ्रमित होकर अचानक ब्रेक का इस्तेमाल भी कर लेते हैं जिससे कभी कभी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ जाता है, इसका एक अन्य उदाहरण रेगिस्तान में देखने को मिलता है जहाँ रेतीले मैदानों में प्यास से व्याकुल ऊंटों को भी भ्रम हो जाता है कि उनसे कुछ दूरी पर पानी भरा हुआ है किन्तु समीप जाने पर ऐसा कुछ भी नही होता तो हम आज यही जानेगे की आखिर ये होता क्यों है?

मरीचिका
मरीचिका के कारण सड़क पर पानी का आभास
camels
रेगिस्तान के रेतीले मैदान में ऊंटों का समूह

दोस्तों अपने दसवीं या बारहवीं कक्षा में एक शब्द पड़ा होगा मरीचिका ये सब उसी के कारन होता है, वस्तुतः मरीचिका एक प्रकाशिक भ्रम है जो भूमि के ऊपर गर्म वायु की परत में दिखाई देता है ये प्रकाश अपवर्तन के कारन उत्पन्न होता है जिसमें गर्म वायु की परत विभिन्न घनत्वों के कारण पानी के झिलमिलाते ताल के समान दृष्टिगोचर होती है! इसमें दूर की वस्तुओं के प्रतिविम्ब उलटे दिखाई पड़ते हैं!

तो ये था आपके भ्रम का कारण जिसे हमने स्पष्ट किया!

अगर आप ऐसे ही और अन्य रोचक तथ्यों के बारे में जानना चाहते हैं तो हमें नीचे कमेन्ट बॉक्स में कमेन्ट करके बताएं और हमारे पेज को लाइक करें!

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